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  • पंजाब का फेमस मखंडी हलवा: झटपट बनने वाली स्वादिष्ट डिश

    पंजाब का फेमस मखंडी हलवा: झटपट बनने वाली स्वादिष्ट डिश

     

    Sweet Dish: पंजाब का मखंडी हलवा एक ऐसी पारंपरिक मिठाई है जो अपने खास स्वाद और मलाईदार बनावट के लिए मशहूर है। यह हलवा मुंह में बिल्कुल घुल जाता है और खास मौकों पर इसे बनाना एक परंपरा है। अगर आप इसे एक बार ट्राई करेंगे, तो यह आपकी पसंदीदा मिठाई बन जाएगी। आइए जानें इसे बनाने की सरल और झटपट रेसिपी।

    आवश्यक सामग्री

    1. बेसन (चने का आटा) – 1 कप
    2. घी – ½ कप
    3. चीनी – ¾ कप
    4. दूध – 2 कप
    5. केसर – 1 चुटकी (गर्म दूध में भिगोई हुई)
    6. इलायची पाउडर – ½ चम्मच
    7. सूखे मेवे (बादाम, काजू, पिस्ता) – सजावट के लिए

    बनाने की विधि

    1. बेसन भूनना:
      एक कढ़ाई में घी गर्म करें और उसमें बेसन डालकर मध्यम आंच पर सुनहरा और खुशबूदार होने तक भूनें। यह प्रक्रिया 8-10 मिनट तक ले सकती है।

    2. दूध और चीनी मिलाएं:
      जब बेसन भून जाए, तो उसमें धीरे-धीरे दूध डालते हुए अच्छे से मिलाएं ताकि कोई गांठ न बने। फिर चीनी डालकर लगातार चलाते रहें।

    3. गाढ़ा करें:
      मिश्रण को धीमी आंच पर पकाते रहें। इसमें भिगोई हुई केसर और इलायची पाउडर डालें। हलवा तब तक पकाएं जब तक वह घी छोड़ने न लगे।

    4. सजावट और परोसें:
      हलवे को सूखे मेवों से सजाएं और गर्मागर्म परोसें।

    खास टिप्स

    • हलवे का स्वाद बढ़ाने के लिए देसी घी का इस्तेमाल करें।
    • केसर की जगह गुलाब जल भी डाल सकते हैं।

    पंजाब का यह फेमस मखंडी हलवा हर खास मौके को और खास बना देगा। इसे जरूर बनाएं और अपने परिवार और दोस्तों को खिलाएं।

  • कोक और फास्ट फूड का अत्यधिक सेवन, कर सकते हैं जीवनकाल को भी छोटा

    कोक और फास्ट फूड का अत्यधिक सेवन, कर सकते हैं जीवनकाल को भी छोटा

     

    Ultra-Processed Foods: कोक (Coke) और हॉट डॉग (Hot Dog) जैसे फास्ट फूड अक्सर हमारे खाने का हिस्सा बन जाते हैं, लेकिन मिशिगन विश्वविद्यालय के हालिया अध्ययन ने इन खाद्य पदार्थों के गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों का खुलासा किया है। अध्ययन के अनुसार, ये खाद्य पदार्थ सिर्फ आपकी कैलोरी नहीं बढ़ाते बल्कि जीवनकाल को भी छोटा कर सकते हैं।

    कितना नुकसान करते हैं ये खाद्य पदार्थ?

    • हॉट डॉग: 36 मिनट
    • ब्रेकफास्ट सैंडविच और अंडे: 13 मिनट
    • कोक: 12 मिनट
    • चीजबर्गर: 9 मिनट
    • बेकन: 6 मिनट

    अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ जैसे पिज्जा, मैकरोनी एंड चीज, और कोक आपके जीवनकाल को घटाने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

    स्वस्थ विकल्प और जीवनकाल में वृद्धि
    अध्ययन में यह भी बताया गया कि कुछ प्रकार की मछलियां जीवनकाल में 28 मिनट जोड़ सकती हैं। इसके अतिरिक्त, चेडर और ब्री जैसी चीज के सीमित सेवन से जीवन प्रत्याशा बढ़ सकती है और लिवर कैंसर का खतरा कम हो सकता है।

    अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के स्वास्थ्य जोखिम
    ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (बीएमजे) के निष्कर्षों के अनुसार, इन खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन से:

    • हृदय रोग का खतरा 50% तक बढ़ सकता है।
    • मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं 48-53% तक बढ़ सकती हैं।
    • टाइप 2 मधुमेह का जोखिम 12% अधिक हो सकता है।

    इनके अलावा, नींद की समस्या, अवसाद, अस्थमा और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं भी हो सकती हैं।

    डॉक्टरों की सलाह
    डॉक्टर फल, सब्जियां और साबुत अनाज जैसे स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स का सीमित सेवन करने की सलाह देते हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए आहार में बदलाव आवश्यक है।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

  • कोक और फास्ट फूड का अत्यधिक सेवन, कर सकते हैं जीवनकाल को भी छोटा

    कोक और फास्ट फूड का अत्यधिक सेवन, कर सकते हैं जीवनकाल को भी छोटा

     

    Ultra-Processed Foods: कोक (Coke) और हॉट डॉग (Hot Dog) जैसे फास्ट फूड अक्सर हमारे खाने का हिस्सा बन जाते हैं, लेकिन मिशिगन विश्वविद्यालय के हालिया अध्ययन ने इन खाद्य पदार्थों के गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों का खुलासा किया है। अध्ययन के अनुसार, ये खाद्य पदार्थ सिर्फ आपकी कैलोरी नहीं बढ़ाते बल्कि जीवनकाल को भी छोटा कर सकते हैं।

    कितना नुकसान करते हैं ये खाद्य पदार्थ?

    • हॉट डॉग: 36 मिनट
    • ब्रेकफास्ट सैंडविच और अंडे: 13 मिनट
    • कोक: 12 मिनट
    • चीजबर्गर: 9 मिनट
    • बेकन: 6 मिनट

    अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ जैसे पिज्जा, मैकरोनी एंड चीज, और कोक आपके जीवनकाल को घटाने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

    स्वस्थ विकल्प और जीवनकाल में वृद्धि
    अध्ययन में यह भी बताया गया कि कुछ प्रकार की मछलियां जीवनकाल में 28 मिनट जोड़ सकती हैं। इसके अतिरिक्त, चेडर और ब्री जैसी चीज के सीमित सेवन से जीवन प्रत्याशा बढ़ सकती है और लिवर कैंसर का खतरा कम हो सकता है।

    अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के स्वास्थ्य जोखिम
    ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (बीएमजे) के निष्कर्षों के अनुसार, इन खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन से:

    • हृदय रोग का खतरा 50% तक बढ़ सकता है।
    • मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं 48-53% तक बढ़ सकती हैं।
    • टाइप 2 मधुमेह का जोखिम 12% अधिक हो सकता है।

    इनके अलावा, नींद की समस्या, अवसाद, अस्थमा और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं भी हो सकती हैं।

    डॉक्टरों की सलाह
    डॉक्टर फल, सब्जियां और साबुत अनाज जैसे स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स का सीमित सेवन करने की सलाह देते हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए आहार में बदलाव आवश्यक है।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

  • SBI की इन योजनाएं से बने लखपति, तगड़ा ब्याज और कई अन्य फायदे

    SBI की इन योजनाएं से बने लखपति, तगड़ा ब्याज और कई अन्य फायदे


    SBI : स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए दो नई योजनाएं शुरू की हैं, जो तगड़ा ब्याज और कई अन्य फायदे प्रदान करेंगी। ये योजनाएं हैं: हर घर लखपति आरडी योजना (Har Ghar Lakhpati RD Scheme) और एसबीआई पैट्रन्स एफडी योजना (SBI Patrons FD Scheme)

    हर घर लखपति आरडी योजना

    यह एक प्री-कैलकुलेटेड रेकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना है, जो ग्राहकों को ₹1 लाख या उसके गुणकों में बचत करने में मदद करती है। यह योजना वित्तीय लक्ष्यों को सरल बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। खास बात यह है कि यह उत्पाद नाबालिगों के लिए भी उपलब्ध है, जिससे बच्चों में बचत की आदत विकसित होती है।

    एसबीआई पैट्रन्स एफडी योजना

    यह योजना 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई है। बैंक ने इस योजना में बढ़ी हुई ब्याज दरें दी हैं। मौजूदा और नए एफडी निवेशक दोनों इसका लाभ उठा सकते हैं।

    एफडी और आरडी दरें

    एफडी दरें (सीनियर सिटीजन के लिए):

    • 7-45 दिन: 4.00%
    • 1-2 साल: 7.30%
    • 2-3 साल: 7.50%

    आरडी दरें:

    • 1-2 साल: 6.80%-7.50%
    • 5-10 साल: 6.50%-7.00%

    अन्य विशेष योजनाएं

    • SBI वी-केयर डिपॉजिट स्कीम: 7.50% ब्याज।
    • SBI 444 दिन की एफडी: 7.75% ब्याज (31 मार्च, 2025 तक)।
    • SBI अमृत कलश एफडी: 7.60% ब्याज (400 दिनों के लिए, 31 मार्च, 2025 तक)।

    ये योजनाएं ग्राहकों को बचत और निवेश में बेहतर अवसर प्रदान करती हैं।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा विशेषज्ञों से सलाह लें।

  • SBI की इन योजनाएं से बने लखपति, तगड़ा ब्याज और कई अन्य फायदे

    SBI की इन योजनाएं से बने लखपति, तगड़ा ब्याज और कई अन्य फायदे


    SBI : स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए दो नई योजनाएं शुरू की हैं, जो तगड़ा ब्याज और कई अन्य फायदे प्रदान करेंगी। ये योजनाएं हैं: हर घर लखपति आरडी योजना (Har Ghar Lakhpati RD Scheme) और एसबीआई पैट्रन्स एफडी योजना (SBI Patrons FD Scheme)

    हर घर लखपति आरडी योजना

    यह एक प्री-कैलकुलेटेड रेकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना है, जो ग्राहकों को ₹1 लाख या उसके गुणकों में बचत करने में मदद करती है। यह योजना वित्तीय लक्ष्यों को सरल बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। खास बात यह है कि यह उत्पाद नाबालिगों के लिए भी उपलब्ध है, जिससे बच्चों में बचत की आदत विकसित होती है।

    एसबीआई पैट्रन्स एफडी योजना

    यह योजना 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई है। बैंक ने इस योजना में बढ़ी हुई ब्याज दरें दी हैं। मौजूदा और नए एफडी निवेशक दोनों इसका लाभ उठा सकते हैं।

    एफडी और आरडी दरें

    एफडी दरें (सीनियर सिटीजन के लिए):

    • 7-45 दिन: 4.00%
    • 1-2 साल: 7.30%
    • 2-3 साल: 7.50%

    आरडी दरें:

    • 1-2 साल: 6.80%-7.50%
    • 5-10 साल: 6.50%-7.00%

    अन्य विशेष योजनाएं

    • SBI वी-केयर डिपॉजिट स्कीम: 7.50% ब्याज।
    • SBI 444 दिन की एफडी: 7.75% ब्याज (31 मार्च, 2025 तक)।
    • SBI अमृत कलश एफडी: 7.60% ब्याज (400 दिनों के लिए, 31 मार्च, 2025 तक)।

    ये योजनाएं ग्राहकों को बचत और निवेश में बेहतर अवसर प्रदान करती हैं।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा विशेषज्ञों से सलाह लें।

  • स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए “Sachhata-MoHUA” ऐप

    स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए “Sachhata-MoHUA” ऐप

    Sachhata-MoHUA: भारत सरकार द्वारा जारी “Sachhata-MoHUA” ऐप का उद्देश्य देशभर में स्वच्छता की स्थिति को बेहतर बनाना और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। यह ऐप न केवल कचरे की सफाई में मदद करता है, बल्कि शहरों में विभिन्न समस्याओं का समाधान भी प्रदान करता है।

    कचरा दिखने पर तुरंत फोटो अपलोड करें
    यदि आपको किसी भी स्थान पर कचरा दिखता है, तो आप उसकी एक फोटो लेकर इस ऐप पर अपलोड कर सकते हैं। यह ऐप संबंधित अधिकारियों को जानकारी देता है और कचरे की सफाई के लिए एक दिशा-निर्देश जारी करता है। अधिकारियों को उस स्थान की “Before” और “After” फोटो अपलोड करनी होती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि गंदगी को जल्दी और प्रभावी तरीके से साफ किया जाए। इस प्रक्रिया से अधिकारियों पर दबाव बना रहता है, और इलाके की सफाई में तेजी आती है।

    समस्याओं की शिकायत दर्ज करें
    Sachhata-MoHUA ऐप में कचरा हटाने के अलावा, आप अपनी सिटी में होने वाली किसी भी अन्य समस्या की शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं। यह ऐप नागरिकों को एक प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, जहां वे अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं और उनका समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

    स्वच्छता के प्रति जागरूकता
    इस ऐप का प्रमुख उद्देश्य हर नागरिक को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उसे सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। ऐप का उपयोग करके नागरिकों को यह एहसास होता है कि वे अपनी सिटी को साफ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



    Sachhata-MoHUA
    ऐप एक सशक्त टूल है जो नागरिकों को स्वच्छता की दिशा में योगदान करने का अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से समस्याओं का समाधान जल्दी होता है और शहरों को साफ रखने में मदद मिलती है।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा विशेषज्ञों से सलाह लें।

  • स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए “Sachhata-MoHUA” ऐप

    स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए “Sachhata-MoHUA” ऐप

    Sachhata-MoHUA: भारत सरकार द्वारा जारी “Sachhata-MoHUA” ऐप का उद्देश्य देशभर में स्वच्छता की स्थिति को बेहतर बनाना और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। यह ऐप न केवल कचरे की सफाई में मदद करता है, बल्कि शहरों में विभिन्न समस्याओं का समाधान भी प्रदान करता है।

    कचरा दिखने पर तुरंत फोटो अपलोड करें
    यदि आपको किसी भी स्थान पर कचरा दिखता है, तो आप उसकी एक फोटो लेकर इस ऐप पर अपलोड कर सकते हैं। यह ऐप संबंधित अधिकारियों को जानकारी देता है और कचरे की सफाई के लिए एक दिशा-निर्देश जारी करता है। अधिकारियों को उस स्थान की “Before” और “After” फोटो अपलोड करनी होती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि गंदगी को जल्दी और प्रभावी तरीके से साफ किया जाए। इस प्रक्रिया से अधिकारियों पर दबाव बना रहता है, और इलाके की सफाई में तेजी आती है।

    समस्याओं की शिकायत दर्ज करें
    Sachhata-MoHUA ऐप में कचरा हटाने के अलावा, आप अपनी सिटी में होने वाली किसी भी अन्य समस्या की शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं। यह ऐप नागरिकों को एक प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, जहां वे अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं और उनका समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

    स्वच्छता के प्रति जागरूकता
    इस ऐप का प्रमुख उद्देश्य हर नागरिक को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उसे सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। ऐप का उपयोग करके नागरिकों को यह एहसास होता है कि वे अपनी सिटी को साफ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



    Sachhata-MoHUA
    ऐप एक सशक्त टूल है जो नागरिकों को स्वच्छता की दिशा में योगदान करने का अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से समस्याओं का समाधान जल्दी होता है और शहरों को साफ रखने में मदद मिलती है।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा विशेषज्ञों से सलाह लें।

  • Health Care: आजकल कमर दर्द एक आम समस्या,  प्रमुख कारण और घरेलू उपाय

    Health Care: आजकल कमर दर्द एक आम समस्या, प्रमुख कारण और घरेलू उपाय

    Health Care: बढ़ती उम्र के साथ कमर दर्द एक आम समस्या बन जाती है, लेकिन आजकल यह समस्या युवा वर्ग में भी देखी जा रही है। कमर दर्द एक ऐसा दर्द है जो लंबे समय तक रहता है और इससे छुटकारा पाना मुश्किल होता है। जानिए इसके प्रमुख कारण और घरेलू उपाय, जिनसे आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं।

    कमर दर्द के 5 प्रमुख कारण

    1. शरीर में वजन का बढ़ना: वजन बढ़ने से कमर पर दबाव पड़ता है, जिससे दर्द होने लगता है।

    2. भारी वजन उठाना: ज्यादा वजन उठाने से कमर में खिंचाव आता है, जो दर्द का कारण बन सकता है।

    3. गलत तरीके से सोना: गलत स्थिति में सोने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है, जिससे दर्द हो सकता है।

    4. गलत तरीके से उठना, झुकना और बैठना: इन सामान्य क्रियाओं में लापरवाही कमर दर्द का कारण बन सकती है।

    5. मांसपेशियों में खिचाव: कभी-कभी अधिक मेहनत या जल्दी-जल्दी काम करने से मांसपेशियों में खिंचाव हो जाता है, जिससे कमर दर्द हो सकता है।

    कमर दर्द के 5 घरेलू उपाय

    1. सरसों का तेल और लहसुन: सरसों के तेल में लहसुन डालकर उसे गर्म करके रोजाना सोने से पहले दर्द वाली जगह पर मालिश करें। इससे दर्द में राहत मिलेगी।

    2. गर्म पानी से सिकाई: गर्म पानी से सिकाई करने से दर्द में आराम मिलता है।

    3. अजवायन: अजवायन को हल्का सेंककर खाएं और ऊपर से गुनगुना पानी पिएं। यह कमर दर्द में फायदेमंद होता है।

    4. गर्म नमक का सेंक: गर्म नमक को कपड़े में लपेटकर कमर पर सिकाई करें। यह दर्द को कम करने में मदद करता है।

    5. गर्म और ठंडा मिश्रण: पहले गर्म पानी से सिकाई करें, फिर बर्फ से सिकाई करें। इससे दर्द में राहत मिलती है।

    इन उपायों को अपनाकर आप कमर दर्द से निजात पा सकते हैं।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

  • Health Care: आजकल कमर दर्द एक आम समस्या,  प्रमुख कारण और घरेलू उपाय

    Health Care: आजकल कमर दर्द एक आम समस्या, प्रमुख कारण और घरेलू उपाय

    Health Care: बढ़ती उम्र के साथ कमर दर्द एक आम समस्या बन जाती है, लेकिन आजकल यह समस्या युवा वर्ग में भी देखी जा रही है। कमर दर्द एक ऐसा दर्द है जो लंबे समय तक रहता है और इससे छुटकारा पाना मुश्किल होता है। जानिए इसके प्रमुख कारण और घरेलू उपाय, जिनसे आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं।

    कमर दर्द के 5 प्रमुख कारण

    1. शरीर में वजन का बढ़ना: वजन बढ़ने से कमर पर दबाव पड़ता है, जिससे दर्द होने लगता है।

    2. भारी वजन उठाना: ज्यादा वजन उठाने से कमर में खिंचाव आता है, जो दर्द का कारण बन सकता है।

    3. गलत तरीके से सोना: गलत स्थिति में सोने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है, जिससे दर्द हो सकता है।

    4. गलत तरीके से उठना, झुकना और बैठना: इन सामान्य क्रियाओं में लापरवाही कमर दर्द का कारण बन सकती है।

    5. मांसपेशियों में खिचाव: कभी-कभी अधिक मेहनत या जल्दी-जल्दी काम करने से मांसपेशियों में खिंचाव हो जाता है, जिससे कमर दर्द हो सकता है।

    कमर दर्द के 5 घरेलू उपाय

    1. सरसों का तेल और लहसुन: सरसों के तेल में लहसुन डालकर उसे गर्म करके रोजाना सोने से पहले दर्द वाली जगह पर मालिश करें। इससे दर्द में राहत मिलेगी।

    2. गर्म पानी से सिकाई: गर्म पानी से सिकाई करने से दर्द में आराम मिलता है।

    3. अजवायन: अजवायन को हल्का सेंककर खाएं और ऊपर से गुनगुना पानी पिएं। यह कमर दर्द में फायदेमंद होता है।

    4. गर्म नमक का सेंक: गर्म नमक को कपड़े में लपेटकर कमर पर सिकाई करें। यह दर्द को कम करने में मदद करता है।

    5. गर्म और ठंडा मिश्रण: पहले गर्म पानी से सिकाई करें, फिर बर्फ से सिकाई करें। इससे दर्द में राहत मिलती है।

    इन उपायों को अपनाकर आप कमर दर्द से निजात पा सकते हैं।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

  • RBI: बाय नाऊ पे लेटर और क्रेडिट कार्ड से पर रहा बचत पर बुरा प्रभाव

    RBI: बाय नाऊ पे लेटर और क्रेडिट कार्ड से पर रहा बचत पर बुरा प्रभाव



    RBI: भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा ने हाल ही में “अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें” (बाय नाऊ पे लेटर) जैसी योजनाओं और क्रेडिट कार्ड के जरिए खर्च करने की प्रवृत्तियों पर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि ये योजनाएं तत्काल उपभोग को बढ़ावा देती हैं, जिससे युवा पीढ़ी की बचत कम हो रही है।

    तत्काल उपभोग और बचत में कमी
    पात्रा के अनुसार, यह उपभोक्ता व्यवहार का नया रूप पारंपरिक आर्थिक नीतियों को प्रभावित कर रहा है। विशेष रूप से युवा वर्ग इस प्रवृत्ति का अनुसरण कर रहा है, जिससे उनकी बचत की दर घट रही है। ये रुझान केंद्रीय बैंकों और नीति निर्माताओं के लिए नए प्रकार की चुनौतियाँ पैदा कर रहे हैं।

    नए वित्तीय प्रौद्योगिकी के प्रभाव
    माले में मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण (एमएमए) अनुसंधान सम्मेलन में बोलते हुए पात्रा ने बताया कि डिजिटल वित्तीय समाधानों को तेजी से अपनाया जा रहा है, जो उपभोक्ता व्यवहार को बदल रहे हैं। हालांकि, इसने पारंपरिक बचत विधियों को कमजोर कर दिया है, जिससे मौद्रिक नीति के प्रभावी संचालन में कठिनाई हो सकती है।

    ऋण वृद्धि और वित्तीय तनाव
    पात्रा ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि ऋण तक आसान पहुंच से घरेलू स्तर पर वित्तीय तनाव बढ़ सकता है। विशेष रूप से, बिना पर्याप्त वित्तीय साक्षरता के लोग गलत तरीके से वित्तीय उत्पादों का चुनाव कर सकते हैं, जिससे वित्तीय कुप्रबंधन और गलत बिक्री का खतरा बढ़ सकता है।

    समाधान का सुझाव
    इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए, पात्रा ने सुझाव दिया कि केंद्रीय बैंकों और नीति निर्माताओं को इस बदलते वित्तीय परिदृश्य के लिए उपयुक्त दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए, ताकि वित्तीय स्थिरता बनाए रखी जा सके।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा विशेषज्ञों से सलाह लें।