Author: nidhisinhabeg1998@gmail.com

  • अब बेफिक्र हो कर करें NEET, JEE, CUET और SSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, एनसीईआरटी ने शुरू की फ्री कोचिंग सुविधा

    अब बेफिक्र हो कर करें NEET, JEE, CUET और SSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, एनसीईआरटी ने शुरू की फ्री कोचिंग सुविधा

     


    NCERT: मेडिकल, इंजीनियरिंग और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एनसीईआरटी ने एक नई पहल शुरू की है। एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग) द्वारा SATHEE पोर्टल लॉन्च किया गया है। SATHEE  का पूरा नाम सेल्फ असेसमेंट टेस्ट एंड हेल्प फॉर एंट्रेंस एग्जाम है। इस पोर्टल के माध्यम से छात्र NEET, JEE, CUET और SSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी बिना किसी शुल्क के कर सकते हैं।  


    पोर्टल की सुविधाएँ

    SATHEE  पोर्टल में उच्च गुणवत्ता वाले संसाधन, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, मॉक टेस्ट, लेक्चर वीडियो और सेल्फ असेसमेंट टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IIT, NIT और AIIMS के विशेषज्ञ यहाँ छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। यह पोर्टल विशेष रूप से उन छात्रों के लिए उपयोगी है जो महंगी कोचिंग फीस के कारण तैयारी करने में असमर्थ हैं।  

    रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 

    1. SATHEE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।  

    2. SATHEE पोर्टल पर क्लिक करें।  

    3. अपना नाम, ईमेल और पता दर्ज कर अकाउंट बनाएं।  

    4. अपनी परीक्षा का चयन करें।  

    5. गूगल फॉर्म भरें और Ask Me Anything फीचर का उपयोग करें।  

    पोर्टल का समय और लाभ 

    यह पोर्टल सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक, छुट्टियों को छोड़कर, उपलब्ध रहेगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण और गरीब वर्ग के छात्रों को मुफ्त कोचिंग सुविधाएँ प्रदान करना है।  


    छात्रों के लिए सुनहरा अवसर 

    एनसीईआरटी का यह प्रयास छात्रों को उनकी मंजिल तक पहुँचाने में मदद करेगा। अब हर छात्र अपनी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी आसानी से और बिना किसी खर्च के कर सकता है।

  • SBI क्लर्क भर्ती 2024: 13,735 पदों पर नौकरी का सुनहरा मौका

    SBI क्लर्क भर्ती 2024: 13,735 पदों पर नौकरी का सुनहरा मौका

     


    SBI क्लर्क भर्ती 2024: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इस बार क्लर्क पदों पर भर्ती के लिए 13,735 वेकैंसी का ऐलान किया है। यह एक बड़ी और शानदार अवसर है, जिसे हाथ से जाने देना सही नहीं होगा। अगर आप इस मौके का लाभ उठाना चाहते हैं, तो निम्न जानकारियों को ध्यान से पढ़ें और अपनी तैयारी शुरू करें।  


    फॉर्म भरने की महत्वपूर्ण तिथियां 

    – फॉर्म भरने की शुरुआत: 17 दिसंबर 2024  

    – फॉर्म भरने की अंतिम तिथि: 7 जनवरी 2025  

    आयु सीमा

    – न्यूनतम आयु: 20 वर्ष  

    – अधिकतम आयु: 28 वर्ष  

    शैक्षणिक योग्यता  

    – आवेदकों के पास ग्रैजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।  

    – किसी भी प्रकार का परसेंटेज क्राइटेरिया नहीं रखा गया है।  

    – आपका ग्रैजुएशन रिजल्ट 31 दिसंबर 2024 तक घोषित हो जाना चाहिए।  


    चयन प्रक्रिया 

    चयन प्रक्रिया तीन चरणों में होगी:  

    1. प्रीलिम्स एग्जाम: इसमें तीन विषय होंगे।  

    2. मेन एग्जाम: प्री में सफल होने के बाद ही इसमें बैठने का मौका मिलेगा।  

    3. भाषा दक्षता परीक्षा (Language Proficiency Test): उम्मीदवार की क्षेत्रीय भाषा में पकड़ को परखा जाएगा।  

    तैयारी का सही समय

    एसबीआई क्लर्क भर्ती एक बड़ा अवसर है। अगर आप सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं, तो यह आपके लिए सही समय है। बिना समय गवाएं तैयारी शुरू कर दें। यह सुनहरा मौका आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचा सकता है।  

  • SBI क्लर्क भर्ती 2024: 13,735 पदों पर नौकरी का सुनहरा मौका

    SBI क्लर्क भर्ती 2024: 13,735 पदों पर नौकरी का सुनहरा मौका

     


    SBI क्लर्क भर्ती 2024: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इस बार क्लर्क पदों पर भर्ती के लिए 13,735 वेकैंसी का ऐलान किया है। यह एक बड़ी और शानदार अवसर है, जिसे हाथ से जाने देना सही नहीं होगा। अगर आप इस मौके का लाभ उठाना चाहते हैं, तो निम्न जानकारियों को ध्यान से पढ़ें और अपनी तैयारी शुरू करें।  


    फॉर्म भरने की महत्वपूर्ण तिथियां 

    – फॉर्म भरने की शुरुआत: 17 दिसंबर 2024  

    – फॉर्म भरने की अंतिम तिथि: 7 जनवरी 2025  

    आयु सीमा

    – न्यूनतम आयु: 20 वर्ष  

    – अधिकतम आयु: 28 वर्ष  

    शैक्षणिक योग्यता  

    – आवेदकों के पास ग्रैजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।  

    – किसी भी प्रकार का परसेंटेज क्राइटेरिया नहीं रखा गया है।  

    – आपका ग्रैजुएशन रिजल्ट 31 दिसंबर 2024 तक घोषित हो जाना चाहिए।  


    चयन प्रक्रिया 

    चयन प्रक्रिया तीन चरणों में होगी:  

    1. प्रीलिम्स एग्जाम: इसमें तीन विषय होंगे।  

    2. मेन एग्जाम: प्री में सफल होने के बाद ही इसमें बैठने का मौका मिलेगा।  

    3. भाषा दक्षता परीक्षा (Language Proficiency Test): उम्मीदवार की क्षेत्रीय भाषा में पकड़ को परखा जाएगा।  

    तैयारी का सही समय

    एसबीआई क्लर्क भर्ती एक बड़ा अवसर है। अगर आप सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं, तो यह आपके लिए सही समय है। बिना समय गवाएं तैयारी शुरू कर दें। यह सुनहरा मौका आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचा सकता है।  

  • NCERT ने 9वीं से 12वीं की किताबों की कीमतों में 20% तक की कमी की

    NCERT ने 9वीं से 12वीं की किताबों की कीमतों में 20% तक की कमी की

     


    NCERT: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने 9वीं से 12वीं कक्षा की पाठ्यपुस्तकों की कीमतों में 20 प्रतिशत तक की कमी की है। यह पहली बार है जब एनसीईआरटी की किताबों पर इतनी बड़ी छूट दी गई है। इस निर्णय की घोषणा एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने की। यह घोषणा मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की।

    प्रिंटिंग और कागज की बेहतर व्यवस्था
    एनसीईआरटी के निदेशक ने बताया कि किताबों की कीमतें घटाने का मुख्य कारण अधिक कागज खरीदना और नई प्रिंटिंग मशीनों का इस्तेमाल करना है। इससे एनसीईआरटी कम समय में अधिक किताबें छापने में सक्षम हुआ है। इसका सीधा लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो आगामी सत्र में 9वीं से 12वीं कक्षा में प्रवेश करेंगे।

    पाठ्यपुस्तकों की पहुंच बढ़ाने का प्रयास
    कक्षा 1 से 8 की किताबें पूर्व की तरह 65 रुपये प्रति कॉपी के हिसाब से बिकती रहेंगी। पाठ्यपुस्तकों की पहुंच को बढ़ाने के लिए एनसीईआरटी ने फ्लिपकार्ट के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे किताबों की ऑनलाइन उपलब्धता बढ़ेगी और छात्र आसानी से इन्हें प्राप्त कर सकेंगे।

    हर साल छपती हैं करोड़ों किताबें
    एनसीईआरटी हर साल लगभग 300 विषयों में 4 से 5 करोड़ पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित करता है। नई मशीनों के उपयोग से उत्पादन की गति में सुधार होगा, जिससे छात्रों को समय पर किताबें उपलब्ध कराई जा सकेंगी। यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों की उपलब्धता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।

    NCERT का यह कदम न केवल किताबों की लागत को कम करेगा बल्कि अधिक छात्रों तक पाठ्य सामग्री की पहुंच सुनिश्चित करेगा। इससे शिक्षा को सुलभ और सस्ता बनाने में मदद मिलेगी।
    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा विशेषज्ञों से सलाह लें।

  • NCERT ने 9वीं से 12वीं की किताबों की कीमतों में 20% तक की कमी की

    NCERT ने 9वीं से 12वीं की किताबों की कीमतों में 20% तक की कमी की

     


    NCERT: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने 9वीं से 12वीं कक्षा की पाठ्यपुस्तकों की कीमतों में 20 प्रतिशत तक की कमी की है। यह पहली बार है जब एनसीईआरटी की किताबों पर इतनी बड़ी छूट दी गई है। इस निर्णय की घोषणा एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने की। यह घोषणा मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की।

    प्रिंटिंग और कागज की बेहतर व्यवस्था
    एनसीईआरटी के निदेशक ने बताया कि किताबों की कीमतें घटाने का मुख्य कारण अधिक कागज खरीदना और नई प्रिंटिंग मशीनों का इस्तेमाल करना है। इससे एनसीईआरटी कम समय में अधिक किताबें छापने में सक्षम हुआ है। इसका सीधा लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो आगामी सत्र में 9वीं से 12वीं कक्षा में प्रवेश करेंगे।

    पाठ्यपुस्तकों की पहुंच बढ़ाने का प्रयास
    कक्षा 1 से 8 की किताबें पूर्व की तरह 65 रुपये प्रति कॉपी के हिसाब से बिकती रहेंगी। पाठ्यपुस्तकों की पहुंच को बढ़ाने के लिए एनसीईआरटी ने फ्लिपकार्ट के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे किताबों की ऑनलाइन उपलब्धता बढ़ेगी और छात्र आसानी से इन्हें प्राप्त कर सकेंगे।

    हर साल छपती हैं करोड़ों किताबें
    एनसीईआरटी हर साल लगभग 300 विषयों में 4 से 5 करोड़ पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित करता है। नई मशीनों के उपयोग से उत्पादन की गति में सुधार होगा, जिससे छात्रों को समय पर किताबें उपलब्ध कराई जा सकेंगी। यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों की उपलब्धता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।

    NCERT का यह कदम न केवल किताबों की लागत को कम करेगा बल्कि अधिक छात्रों तक पाठ्य सामग्री की पहुंच सुनिश्चित करेगा। इससे शिक्षा को सुलभ और सस्ता बनाने में मदद मिलेगी।
    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा विशेषज्ञों से सलाह लें।

  • बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार के लिए अहम कदम

    बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार के लिए अहम कदम

    पटना: बिहार सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। हाल ही में बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने ‘शिक्षा की बात हर शनिवार’ कार्यक्रम के दौरान इन बदलावों की जानकारी साझा की।

    स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर शिक्षा

    डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि अब हर हफ्ते सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर शिक्षा आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों को आधुनिक तकनीकी साधनों से जोड़ना और उनकी पढ़ाई को प्रभावी बनाना है।

    कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान

    शिक्षा को समावेशी बनाने के लिए कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऐसे बच्चों को आगे की सीटों पर बिठाया जाएगा ताकि वे शिक्षकों की बातों को बेहतर तरीके से समझ सकें। शिक्षकों को होमवर्क देने के बाद उसे चेक करने की जिम्मेदारी भी दी गई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर नजर रखी जा सके।

    विशेष बच्चों के लिए अलग कक्षाएं

    स्पेशल बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसके अलावा, विशेष शिक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी ताकि इन बच्चों को बेहतर शिक्षा का लाभ मिल सके।

    शनिवार को सांस्कृतिक गतिविधियां

    हर शनिवार स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद और संगीत जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है।

    समस्याओं का समाधान

    कुछ बच्चों ने शिक्षकों द्वारा मोबाइल छुपाने और CBSE से बिहार बोर्ड में दाखिले की समस्याओं पर शिकायत की। इस पर डॉ. सिद्धार्थ ने जांच का आश्वासन दिया और कहा कि शिक्षा में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आने दी जाएगी।

    डॉ. सिद्धार्थ ने बच्चों को कोचिंग पर कम और स्कूल की पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी। सरकार का उद्देश्य शिक्षा को सुलभ, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।

  • बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार के लिए अहम कदम

    बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार के लिए अहम कदम

    पटना: बिहार सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। हाल ही में बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने ‘शिक्षा की बात हर शनिवार’ कार्यक्रम के दौरान इन बदलावों की जानकारी साझा की।

    स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर शिक्षा

    डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि अब हर हफ्ते सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर शिक्षा आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों को आधुनिक तकनीकी साधनों से जोड़ना और उनकी पढ़ाई को प्रभावी बनाना है।

    कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान

    शिक्षा को समावेशी बनाने के लिए कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऐसे बच्चों को आगे की सीटों पर बिठाया जाएगा ताकि वे शिक्षकों की बातों को बेहतर तरीके से समझ सकें। शिक्षकों को होमवर्क देने के बाद उसे चेक करने की जिम्मेदारी भी दी गई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर नजर रखी जा सके।

    विशेष बच्चों के लिए अलग कक्षाएं

    स्पेशल बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसके अलावा, विशेष शिक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी ताकि इन बच्चों को बेहतर शिक्षा का लाभ मिल सके।

    शनिवार को सांस्कृतिक गतिविधियां

    हर शनिवार स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद और संगीत जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है।

    समस्याओं का समाधान

    कुछ बच्चों ने शिक्षकों द्वारा मोबाइल छुपाने और CBSE से बिहार बोर्ड में दाखिले की समस्याओं पर शिकायत की। इस पर डॉ. सिद्धार्थ ने जांच का आश्वासन दिया और कहा कि शिक्षा में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आने दी जाएगी।

    डॉ. सिद्धार्थ ने बच्चों को कोचिंग पर कम और स्कूल की पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी। सरकार का उद्देश्य शिक्षा को सुलभ, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।

  • BPSC का बड़ा निर्णय, 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को कर दिया रद्द

    BPSC का बड़ा निर्णय, 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को कर दिया रद्द

    BPSC पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। आयोग ने पटना स्थित बापू सभागार परीक्षा केंद्र पर आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया है। हालांकि, यह निर्णय सिर्फ बापू सभागार परीक्षा केंद्र पर लागू किया गया है और अन्य परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा को वैध माना गया है। यह कदम छात्रों द्वारा परीक्षा के दौरान गड़बड़ी और हंगामे की शिकायतों के बाद उठाया गया है।

    परीक्षा में गड़बड़ी और हंगामा

    70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने की अफवाहों ने पूरे बिहार में हड़कंप मचा दिया था। परीक्षा के दिन, शुक्रवार को पटना के बापू सभागार में अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र के लीक होने और अन्य गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें परीक्षा के प्रश्नपत्र देर से दिए गए और तय समय से पहले ही उनके उत्तरपुस्तिकाएँ ले ली गईं।

    इसी बीच, जब अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया, तो पटना के जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने प्रदर्शन कर रहे एक छात्र को थप्पड़ मार दिया, जिससे मामला और गरमा गया।

    प्रश्नपत्र लीक की अफवाहें

    परीक्षा के दौरान यह भी आरोप लगाए गए कि प्रश्नपत्र की सील पहले से ही टूटी हुई थी, जिससे पेपर लीक की आशंका जताई जाने लगी। हालांकि, बिहार लोक सेवा आयोग ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया और साफ कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने की खबरें महज अफवाह हैं। आयोग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द करने का कारण पेपर लीक नहीं बल्कि हंगामे की वजह से अभ्यर्थियों को हुई परेशानी है।

    शांतिपूर्ण परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संपन्न

    बापू सभागार के अलावा, बिहार के अन्य परीक्षा केंद्रों पर बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। वहां किसी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। इस वजह से आयोग ने अन्य केंद्रों पर हुई परीक्षा को रद्द नहीं किया और सिर्फ बापू सभागार परीक्षा केंद्र पर हुई परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया।

    शुरू से विवादों में घिरी परीक्षा

    70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा शुरू होने से पहले से ही विवादों में घिरी हुई थी। नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को लेकर छात्रों ने परीक्षा से पहले ही विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। छात्रों का मानना था कि नॉर्मलाइजेशन के चलते उनके परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इसके बाद, जब परीक्षा हुई, तो प्रश्नपत्र लीक की अफवाहों ने मामले को और तूल दे दिया।

    आयोग का आधिकारिक बयान

    बिहार लोक सेवा आयोग ने स्पष्ट किया है कि बापू सभागार में परीक्षा रद्द करने का कारण प्रश्नपत्र लीक नहीं है। परीक्षा रद्द करने का निर्णय अभ्यर्थियों को हुई असुविधा और परीक्षा केंद्र पर हंगामे के मद्देनजर लिया गया है। आयोग ने छात्रों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आयोग के आधिकारिक बयानों पर भरोसा रखने की अपील की है।

    छात्रों की मांग और भविष्य की कार्रवाई

    परीक्षा के रद्द होने के बाद अब छात्रों की मांग है कि बापू सभागार केंद्र पर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए और परीक्षा में हुई अव्यवस्था के लिए दोषियों पर कार्रवाई की जाए। आयोग ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और उचित कदम उठाए जाएंगे।

    70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा बापू सभागार परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी और हंगामे के कारण विवादों में रही। पेपर लीक की अफवाहों ने इस विवाद को और बढ़ा दिया। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा रद्द करने का मुख्य कारण हंगामे के चलते छात्रों को हुई परेशानी है। बिहार लोक सेवा आयोग ने अन्य परीक्षा केंद्रों की परीक्षा को मान्य करार दिया है और जल्द ही आगे की कार्रवाई के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

  • BPSC का बड़ा निर्णय, 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को कर दिया रद्द

    BPSC का बड़ा निर्णय, 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को कर दिया रद्द

    BPSC पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। आयोग ने पटना स्थित बापू सभागार परीक्षा केंद्र पर आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया है। हालांकि, यह निर्णय सिर्फ बापू सभागार परीक्षा केंद्र पर लागू किया गया है और अन्य परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा को वैध माना गया है। यह कदम छात्रों द्वारा परीक्षा के दौरान गड़बड़ी और हंगामे की शिकायतों के बाद उठाया गया है।

    परीक्षा में गड़बड़ी और हंगामा

    70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने की अफवाहों ने पूरे बिहार में हड़कंप मचा दिया था। परीक्षा के दिन, शुक्रवार को पटना के बापू सभागार में अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र के लीक होने और अन्य गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें परीक्षा के प्रश्नपत्र देर से दिए गए और तय समय से पहले ही उनके उत्तरपुस्तिकाएँ ले ली गईं।

    इसी बीच, जब अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया, तो पटना के जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने प्रदर्शन कर रहे एक छात्र को थप्पड़ मार दिया, जिससे मामला और गरमा गया।

    प्रश्नपत्र लीक की अफवाहें

    परीक्षा के दौरान यह भी आरोप लगाए गए कि प्रश्नपत्र की सील पहले से ही टूटी हुई थी, जिससे पेपर लीक की आशंका जताई जाने लगी। हालांकि, बिहार लोक सेवा आयोग ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया और साफ कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने की खबरें महज अफवाह हैं। आयोग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द करने का कारण पेपर लीक नहीं बल्कि हंगामे की वजह से अभ्यर्थियों को हुई परेशानी है।

    शांतिपूर्ण परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संपन्न

    बापू सभागार के अलावा, बिहार के अन्य परीक्षा केंद्रों पर बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। वहां किसी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। इस वजह से आयोग ने अन्य केंद्रों पर हुई परीक्षा को रद्द नहीं किया और सिर्फ बापू सभागार परीक्षा केंद्र पर हुई परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया।

    शुरू से विवादों में घिरी परीक्षा

    70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा शुरू होने से पहले से ही विवादों में घिरी हुई थी। नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को लेकर छात्रों ने परीक्षा से पहले ही विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। छात्रों का मानना था कि नॉर्मलाइजेशन के चलते उनके परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इसके बाद, जब परीक्षा हुई, तो प्रश्नपत्र लीक की अफवाहों ने मामले को और तूल दे दिया।

    आयोग का आधिकारिक बयान

    बिहार लोक सेवा आयोग ने स्पष्ट किया है कि बापू सभागार में परीक्षा रद्द करने का कारण प्रश्नपत्र लीक नहीं है। परीक्षा रद्द करने का निर्णय अभ्यर्थियों को हुई असुविधा और परीक्षा केंद्र पर हंगामे के मद्देनजर लिया गया है। आयोग ने छात्रों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आयोग के आधिकारिक बयानों पर भरोसा रखने की अपील की है।

    छात्रों की मांग और भविष्य की कार्रवाई

    परीक्षा के रद्द होने के बाद अब छात्रों की मांग है कि बापू सभागार केंद्र पर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए और परीक्षा में हुई अव्यवस्था के लिए दोषियों पर कार्रवाई की जाए। आयोग ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और उचित कदम उठाए जाएंगे।

    70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा बापू सभागार परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी और हंगामे के कारण विवादों में रही। पेपर लीक की अफवाहों ने इस विवाद को और बढ़ा दिया। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा रद्द करने का मुख्य कारण हंगामे के चलते छात्रों को हुई परेशानी है। बिहार लोक सेवा आयोग ने अन्य परीक्षा केंद्रों की परीक्षा को मान्य करार दिया है और जल्द ही आगे की कार्रवाई के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

  • WhatsApp लाया नया फीचर, Status पर अपने दोस्तों को कर सकते हैं Mention

    WhatsApp लाया नया फीचर, Status पर अपने दोस्तों को कर सकते हैं Mention

    WhatsApp: WhatsApp ने अपने यूजर्स के लिए एक नया और रोमांचक फीचर पेश किया है। अब WhatsApp यूजर्स अपने Status Updates में दोस्तों और परिवार को Mention कर सकते हैं। यह फीचर बिल्कुल इंस्टाग्राम की तरह काम करता है और इसे हाल ही में रोल आउट करना शुरू किया गया है। इसमें यूजर किसी भी कॉन्टैक्ट को स्टेटस में टैग कर सकता है, जिससे टैग किए गए व्यक्ति को इसकी सूचना (Notification) मिलती है। साथ ही, वह व्यक्ति आपके स्टेटस को अपनी स्टोरी के रूप में शेयर भी कर सकता है।

    आइए जानते हैं इस फीचर का उपयोग कैसे करें और इससे जुड़ी सभी जरूरी जानकारी।


    WhatsApp Status में Mention फीचर क्या है?

    WhatsApp का यह नया फीचर यूजर्स को उनके स्टेटस में किसी भी कॉन्टैक्ट को मेंशन करने की अनुमति देता है। जब आप किसी को मेंशन करेंगे, तो उन्हें इसकी सूचना सीधे उनके WhatsApp पर मिल जाएगी। इसके साथ ही, यदि वे चाहें तो आपके स्टेटस को अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते हैं। यह फीचर इंस्टाग्राम की स्टोरीज़ में मौजूद मेंशन फीचर जैसा है, जिससे यह अधिक इंटरैक्टिव और उपयोगी बनता है।

    इस फीचर को कैसे पाएं?

    यदि आपके WhatsApp में यह फीचर अभी तक नहीं दिख रहा है, तो आपको अपने ऐप को अपडेट करने की आवश्यकता हो सकती है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:

    1. WhatsApp अपडेट करें:

      • Google Play Store या पर जाएं।
      • WhatsApp का लेटेस्ट वर्जन डाउनलोड या अपडेट करें।
    2. ध्यान रखें:

      • अगर अपडेट करने के बाद भी यह फीचर दिखाई नहीं देता है, तो थोड़ा इंतजार करें।
      • यह फीचर धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए रोल आउट हो रहा है।

    WhatsApp Status में Mention फीचर का उपयोग कैसे करें?

    इस फीचर का उपयोग करना बहुत आसान है। इसे इस्तेमाल करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:

    1. WhatsApp ओपन करें:

      • सबसे पहले अपने WhatsApp को ओपन करें और Updates टैब पर जाएं।
    2. स्टेटस अपलोड करें:

      • कोई भी फोटो, वीडियो, या टेक्स्ट स्टेटस सिलेक्ट करें जिसे आप शेयर करना चाहते हैं।
    3. Mention का ऑप्शन चुनें:

      • जैसे ही आप स्टेटस अपडेट के लिए कैप्शन एडिट करेंगे, आपको @ आइकन दिखाई देगा।
      • इस पर क्लिक करें।
    4. कॉन्टैक्ट को टैग करें:

      • आपके सामने आपकी Contact List ओपन हो जाएगी।
      • यहां से आप किसी भी कॉन्टैक्ट को चुनकर टैग कर सकते हैं।
    5. स्टेटस शेयर करें:

      • Mention करने के बाद स्टेटस को शेयर कर दें।
      • जिस कॉन्टैक्ट को आप टैग करेंगे, उसे इसका नोटिफिकेशन मिलेगा।

    Mention फीचर के फायदे

    • टैग किए गए व्यक्ति को तुरंत सूचना मिलती है।
    • स्टेटस को अधिक इंटरैक्टिव और पर्सनल बनाया जा सकता है।
    • कॉन्टैक्ट्स आपके स्टेटस को अपनी स्टोरी में शेयर कर सकते हैं।
    • यह फीचर खासकर ग्रुप्स और इवेंट्स में उपयोगी है, जहां आप किसी को विशेष रूप से टैग करना चाहते हैं।

    WhatsApp का यह नया फीचर न केवल उपयोग में आसान है, बल्कि दोस्तों और परिवार के साथ जुड़ने का एक नया तरीका भी प्रदान करता है। यदि आपके पास अभी तक यह फीचर नहीं है, तो थोड़ा धैर्य रखें। आने वाले कुछ दिनों में यह सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध हो जाएगा। WhatsApp के इस अपडेट ने चैटिंग को और भी मजेदार बना दिया है।