RBI: बाय नाऊ पे लेटर और क्रेडिट कार्ड से पर रहा बचत पर बुरा प्रभाव



RBI: भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा ने हाल ही में “अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें” (बाय नाऊ पे लेटर) जैसी योजनाओं और क्रेडिट कार्ड के जरिए खर्च करने की प्रवृत्तियों पर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि ये योजनाएं तत्काल उपभोग को बढ़ावा देती हैं, जिससे युवा पीढ़ी की बचत कम हो रही है।

तत्काल उपभोग और बचत में कमी
पात्रा के अनुसार, यह उपभोक्ता व्यवहार का नया रूप पारंपरिक आर्थिक नीतियों को प्रभावित कर रहा है। विशेष रूप से युवा वर्ग इस प्रवृत्ति का अनुसरण कर रहा है, जिससे उनकी बचत की दर घट रही है। ये रुझान केंद्रीय बैंकों और नीति निर्माताओं के लिए नए प्रकार की चुनौतियाँ पैदा कर रहे हैं।

नए वित्तीय प्रौद्योगिकी के प्रभाव
माले में मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण (एमएमए) अनुसंधान सम्मेलन में बोलते हुए पात्रा ने बताया कि डिजिटल वित्तीय समाधानों को तेजी से अपनाया जा रहा है, जो उपभोक्ता व्यवहार को बदल रहे हैं। हालांकि, इसने पारंपरिक बचत विधियों को कमजोर कर दिया है, जिससे मौद्रिक नीति के प्रभावी संचालन में कठिनाई हो सकती है।

ऋण वृद्धि और वित्तीय तनाव
पात्रा ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि ऋण तक आसान पहुंच से घरेलू स्तर पर वित्तीय तनाव बढ़ सकता है। विशेष रूप से, बिना पर्याप्त वित्तीय साक्षरता के लोग गलत तरीके से वित्तीय उत्पादों का चुनाव कर सकते हैं, जिससे वित्तीय कुप्रबंधन और गलत बिक्री का खतरा बढ़ सकता है।

समाधान का सुझाव
इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए, पात्रा ने सुझाव दिया कि केंद्रीय बैंकों और नीति निर्माताओं को इस बदलते वित्तीय परिदृश्य के लिए उपयुक्त दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए, ताकि वित्तीय स्थिरता बनाए रखी जा सके।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा विशेषज्ञों से सलाह लें।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *